लोगों की राय

कहानी संग्रह

पारदर्शी चेहरा

ब्रज कुमार मित्तल

मूल्य: $ 7.95

जीवन यात्रा के वे पड़ाव जिन पर चाहे अनचाहे सभी को रुकना पड़ता है इन कहानियों में रेखांकित किये गए हैं। डॉ.मित्तल की रचनाओं में शरत की भावुकता, अज्ञेय की सत्यता और गुलेरी की आँचलिकता मिलती है।   आगे...

प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ

प्रेमचंद

मूल्य: $ 4.95

प्रेमचंद ने हिन्दी कहानी को निश्चित परिप्रेक्ष्य और कलात्मक आधार दिया। उनकी कहानियाँ परिवेश को बुनती हैं। पात्र चुनती है। उसके संवाद उसी भाव-भूमि से लिए जाते हैं जिस भाव-भूमि से घटना घट रही है। इसलिए पाठक कहानी के साथ अनुस्यूत हो जाता है।   आगे...

चौधराईन की चतुराई

विजयदान देथा

मूल्य: $ 9.95

राजस्थानी के लोक मानस खँजाने से चुनकर कुछ कहानियों का संग्रह   आगे...

नौ लम्बी कहानियाँ

रवीन्द्र कालिया (सम्पादक)

मूल्य: $ 19.95

आज के समय व समाज के यथार्थ को अपनी-अपनी तरह से अभिव्यक्त करती विशिष्ट रचनाएँ...   आगे...

इज़ाजत

गुलजार

मूल्य: $ 10.95

इज़ाजत   आगे...

इक्यावन बाल कहानियाँ

क्षमा शर्मा

मूल्य: $ 11.95

बच्चों के लिए बहुत ही मनोरंजक और प्रेरणादायी कहानियाँ...   आगे...

पाण्डेय बेचन शर्मा उग्र श्रेष्ठ रचनाएँ-2

पाण्डेय बेचन शर्मा

मूल्य: $ 19.95

पाण्डेय बेचन शर्मा उग्र के द्वारा लिखी गयी उनकी श्रेष्ठ कहानियों के संग्रह का खण्ड-2   आगे...

पाण्डेय बेचन शर्मा उग्र श्रेष्ठ रचनाएँ-1

पाण्डेय बेचन शर्मा

मूल्य: $ 19.95

व्यंजनाओं, लक्षणाओं और वक्रोक्तियों से समृद्ध भाषा के धनी ‘उग्र’ ने अरसा पहले कहानी को एक नई शैली दी थी, जिसे आदरपूर्वक ‘उग्र शैली’ कहा जाता है। 'उग्र' के द्वारा लिखी गयी उनकी श्रेष्ठ कहानियाँ   आगे...

बँगला की प्रतिनिधि हास्य कहानियाँ

पृथ्वीनाथ शास्त्री,योगेन्द्र कुमार लल्ला

मूल्य: $ 29.95

इस संग्रह की अधिकांश कहानियों में हमें शिष्ट, उन्मुक्त, गुदगुदा देने वाले, हँसी के फव्वारे प्रेरित करने वाले, समाज की प्रवृत्तियों पर छोटी-सी चुटकी लेने वाले हलके विनोद से लेकर तिलमिला देने वाले चुभते कटाक्ष तक – सभी प्रकार के हास्य-व्यंग्य के दर्शन होते हैं।   आगे...

समसामयिक हिंदी कहानियाँ

धनंजय वर्मा

मूल्य: $ 4.95

नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित हिंदी कहानियों के संकलन का संपादन डॉ. नामवार सिंह ने किया था। संकलित कथाकार थे : सर्वश्री चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’, प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, जैनेंद्रकुमार,   आगे...

 

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