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इतिहास और राजनीति >> भारत की एकता का निर्माण भारत की एकता का निर्माणसरदार पटेल
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स्वतंत्रता के ठीक बाद भारत की एकता के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा देश की जनता को एकता के पक्ष में दिये गये भाषण
तो वह क्या काम है? आप जानते
हैं कि हमारे मुल्क में खुराक की कमी है और खुराक परदेस से लानी पड़ती है।
और इसमें हमें बहुत पैसा खर्च करना पड़ता है। बाहर से आनेबाली खुराक के लिए
हमें बहुत दाम देना पड़ता है और उस खुराक को अपने मुल्क तक लाने के लिए भी
हमें बहुत ज्यादा दाम देने पड़ते हैं। हमारे मुल्क में खुराक की जो कीमत
है, उससे बहुत ज्यादा दाम हमें देना पड़ता है। यह काम हमारे लिए खतरनाक है।
दूसरा काम यह है कि यदि हमे
अपनी आजादी हज्म करनी हो, तो बड़े पैमाने पर हमारे पास अच्छा फौजी सामान
होना चाहिए। आर्मी (फौज), नेवी (जल सेना) और हवाई शक्ति (एअर फोर्स)
इन तीनों का काफी मजबूत इन्तजाम हमारे पास होना चाहिए। यह न हो, तो आजाद
हिन्दुस्तान आज की हालत में खड़ा नहीं रह सकता। इसलिए हमारे पास इन तीनों
चीजों का पूरा सामान होना चाहिए।
तीसरा काम यह है कि आज के युग
में यदि हमें अनुकूल फौज रखनी हो, तो उसके लिए देश में काफी इण्डस्ट्री
(उद्योग) होनी चाहिए। उसके लिए जितनी इण्डस्ट्री चाहिए, वह इण्डस्ट्री यदि
हमारे पास न हो, तो हम न तो कोई फौज रख सकते हैं और अगर हम फौज रख भी लें,
तो वह कोई काम न दे सकेगी। तो हमें अपने मुल्क में बडे-बडे कारखाने बनाने
होंगे। उसके लिए आज क्या हमारे पास कोई सामान हैं? न हो, तो हमें सोच लेना
पड़ेगा कि हमें क्या करना है? हमें यह कबूल करना पड़ेगा कि हम लोग बहुत पीछे
हैं।
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