लोगों की राय

आध्यात्मिक >> तीन साल

तीन साल

एंतोन चेखव

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2004
पृष्ठ :125
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 2427
आईएसबीएन :81-267-0006-8

Like this Hindi book 9 पाठकों को प्रिय

352 पाठक हैं

कथानायक एक ऐसा नौजवान है जो संस्कारों की घुटन और थोथे हवाई आदर्शों की दुनिया में पला होने के कारण कभी अपने वातावरण से समझौता नहीं कर पाता। ‘विवाह और प्रेम’, ‘प्रेम और विवाह,’ ‘सुखी गृहस्थ्य जीवन’-आखिर ये सब भ्रमोत्पादक विचार ही हैं जिनमें वह काफी समय तक उलझा रहता है, और अन्ततः इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि ‘व्यक्ति को खुशी के विचारों को हमेशा के लिए त्याग देना चाहिए...सुख नाम की कोई चीज नहीं है...।’

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book