रहस्य-रोमांच >> घर का भेदी घर का भेदीसुरेन्द्र मोहन पाठक
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अखबार वाला या ब्लैकमेलर?
"क्या वाकई?"
“जी!"
"जगतसिंह तुम्हारा असली नाम है?"
“जी हां।"
"सरनेम क्या है?"
"वो क्या होता है?"
"तुम्हें मालूम है वो क्या होता है! अंग्रेजी का मावल पढ़ते हो लेकिन सरनेम
का मतलब नहीं जानते? जैसे मेरा उपनाम या सरनेम चक्रवर्ती है, वैसे तुम्हारा
क्या नाम है?"
“क्यों पूछते हैं साहब?" . .
“तुम नहीं बताना चाहते हो तो मैं बताता हूं। तुम्हारा उपनाम नागपाल है। तुम
डॉक्टर नागपाल के भाई हो। कुबूल करो।"
वो खामोश रहा।
"पुलिस हैडक्वार्टर के परिसर में खड़े हो।" -सुनील कर्कश स्वर में बोला- “यही
बात अभी इसी घड़ी डण्डा परेड से भी कुबूलवाई जा सकती है।"
"हां" -वो कठिन स्वर में बोला- "मैं डॉक्टर नागपाल का भाई हूं।"
"नाम क्या था तुम्हारे भाई का?"
"प्रमोद। प्रमोद नागपाल।"
"जो कि किडनी ट्रांसप्लांट का गैरकानूनी धंधा करता था। गरीब लोगों का गुर्दा
उनकी जानकारी के बिना चोरी से निकाल लेता था और मोटी फीस लेकर रईस मरीजों में
उसका प्रत्यारोपण करता था? जो अब इस दुनिया में नहीं है?"
"हां!"
"कैसे मरा?"
"जहर खा लिया।"
"यानी कि आत्महत्या कर ली?"
“उसे मजबूर किया गया था आत्महत्या करने के लिये।"
"किसने किया था ऐसा?" वो खामोश रहा। ..
"मैं मदद करता हूं तुम्हारी सवाल का जवाब देने में । क्या ये सच नहीं है कि
किडनी ट्रांसप्लांट के गैरकानूनी कारोबार से तुम्हारा भाई डॉक्टर प्रमोद
नागपाल लाखों रुपया कमा रहा था, बतरा को उसके उस रैकेट की खबर थी और वो
गिरफ्तार करा देने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था? अपने किसी हौलनाक
अंजाम से घबराकर तुम्हारे भाई ने आत्महत्या कर ली थी, लेकिन तुम उसकी मौत के
लिये गोपाल बतरा को जिम्मेदार मानते थे, जिसने कि उसे ऐसा हलकान कर दिया था
कि वो आत्महत्या के लिये मजबूर हो गया था। अपने भाई की मौत का बदला लेने की
नीयत से ही तुमने अपनी मौजूदा नौकरी पकड़ी हुई है?"
"ये सच नहीं है।"
“खामखाह झूठ बोलने का क्या फायदा, प्यारेलाल!"
"मेरा नाम प्यारेलाल नहीं है।" .
"मालूम है। प्यारेलाल, कोठी का खानसामा दशरथ तुम्हारी खोटी नीयत का गवाह है
कोई दो हफ्ते पहले जिसके साथ शराब पीते हुये नशे में तुमने कहा था कि पहला
सेफ मौका हाथ लगते ही तुम्हारा मालिक तुम्हारे हाथों टें बोल जायेगा।"
"मुझे नहीं याद मैंने नशे में क्या कहा था!"
"दशरथ को याद है।" .
"मुझे नहीं याद।"
"तुम ऐसा कहा होने से इनकार करते हो?"
“जब मुझे कुछ याद ही नहीं है तो मैं कैसे इनकार या इकरार कर सकता हूं?"
“दशरथ तुम्हारे सामने खड़े होके याद दिलाये तो याद आ जायेगा?"
“पता नहीं।"
"तुमने दशरथ को ये भी कहा था कि तुम्हारा मालिक ब्लैकमेलर था और उसी ने
तुम्हारे भाई को ऐसा हलकान किया था कि वो आत्महत्या करने के लिये मजबूर हो
गया था?"
"मुझे याद नहीं।"
"पढ़े-लिखे हो? मेरा सवाल तुम्हारी अकैडमिक क्वाली फिकेशन की बाबत है।"
"ग्रेजुएट हूं।"
"फिर भी ड्राइवर की नौकरी करते हो!"
"हां।"
"पहले कभी कहीं ड्राइवर की नौकरी की थी?"
"नहीं।"
“बतौर ड्राइवर तुम्हारी पहली नौकरी ये ही है जो कि तुम कर रहे हो?"
"हां।”
"और ये नौकरी तुमने इसलिये पकड़ी है ताकि तुम उस शख्स के करीब रह सकते जिसका
कि तुम किसी सेफ तरीके से कत्ल करने के तमन्नाई थे, ताकि तुम्हारे भाई की मौत
का बदला चुक सकता। वो सेफ मौका तुम्हारे हाथ इसलिये नहीं लग रहा था क्योंकि
तुम सिर्फ बतरा के ड्राइवर नहीं थे, पूरी फैमिली के ड्राइवर थे। सिर्फ बतरा
के लिये ड्राइव करने के बहुत कम मौके तुम्हें मिलते थे इसलिये तुम्हारा मतलब
हल नहीं हो रहा था। फिर किसी तरीके से तुम्हें बतरा की स्टडी में मौजूद
रिवॉल्वरों की खबर लगी जिसमें से एक-बत्तीस कैलीबर की-तुमने वहां से खिसका
ली।"
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