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लेखक:

मृणाल पाण्डे
जन्म :- 26 फरवरी, 1946।

जन्म-स्थान :- टीकमगढ़, मध्य प्रदेश।

शिक्षा :- एम.ए. (अंग्रेजी साहित्य), प्रयाग विश्वविद्यालय, इलाहाबाद। गन्धर्व महाविद्यालय से ‘संगीत विशारद’ तथा ‘कॉरकोरन स्कूल ऑफ आर्ट’, वाशिंगटन में चित्रकला एवं डिजाइन का विधिवत् अध्ययन। कई वर्ष विभिन्न विश्वविद्यालयों (प्रयाग, दिल्ली, भोपाल) में अध्यापन के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में आईं। साप्ताहिक हिन्दुस्तान व वामा की सम्पादक तथा दैनिक हिन्दुस्तान की कार्यकारी सम्पादक रहीं। स्टार न्यूज और दूरदर्शन के लिए हिन्दी समाचार बुलेटिन का सम्पादन किया।

उपन्यास :- वरुद्ध, पटरंगपुर पुराण, अपनी गवाही, हमका दियो परदेस, रास्तों पर भटकते हुए, देवी।

कहानी-संग्रह :- दरम्यान, शब्दवेधी, एक नीच ट्रेजिडी, एक स्त्री का विदागीत, :- (एक स्त्री का विदागीत, कुनू, प्रेमचंद : जैसा कि मैंने उन्हें देखा, जगह मिलने पर साइड जी जायेगी उर्फ़...., परियों का नाच ऐसा!, लक्का-सुन्नी, दूरियाँ, हमसफ़र।), यानी कि एक बात थी :- (कोहरा और मछलियाँ, चिमगादड़ें, ढलवान, औऽर, व्यक्तिगत, शरण्य की ओर, चेहरे, धूप-छाँह, प्रेत-बाधा, तुम और वह और वे, कगार पर, दरम्यान, कैंसर, दुर्घटना, आततायी, शब्दवेधी, समुद्र की सतह से दो हजार मीटर ऊपर, रूबी, कौवे, लकीरें, मीटिंग, नुक्कड़ तक, गर्मियाँ, खेल, बर्फ, अँधेरे से अँधेरे तक, दोपहर में मौत, यानी कि एक बात थी।), बचुली चौकीदारिन की कढ़ी :- (बिब्बो, पितृदाय, कुत्ते की मौत, प्रतिशोध, एक नीच ट्रैजेडी, एक स्त्री का विदागीत, कुनू, प्रेमचंद : जैसा कि मैंने उन्हें देखा, जगह मिलने पर साइड दी जायेगी उर्फ तीसरी दुनिया की एक प्रेम-कथा, परियों का नाच ऐसा! लक्का-सुन्नी, दूरियाँ, हमसफर, चार नंबर सुनहरी बाग लेन, एक थी हँसमुख दे, रिक्ति, लेडीज, लेडीज टेलर, बचुली चौकीदारिन की कढ़ी।), चार दिन की जवानी तेरी :- (लड़कियाँ, एक पगलाई सस्पेंस कथा, उमेश जी, कर्कशा, हिर्दा मेयो का मँझला, ‘मुन्नूचा’ की अजीब कहानी, बीज, सुपारी फुआ, अब्दुल्ला, विष्णुदत्त शर्मा के लिए एक समकालीन नीति कथा, चार दिन की जवानी तेरी।)।

नाटक :- मौजूदा हालात को देखते हुए, जो राम रचि राखा, आदमी जो मछुआरा नहीं था, चोर निकल के भागा, काजर की कोठरी।

निबंध :- परिधि पर स्त्री, स्त्री : देह की राजनीति से देश की राजनीति तक, जहाँ औरतें गढ़ी जाती हैं, ओ उब्बीरी....।

सम्पादन/संकलन :- बंद गलियों के विरुद्ध, बोलता लिहाफ। अंग्रेज़ी :- द सब्जेक्ट इज वूमन (महिला-विषयक लेखों का संकलन), द डॉटर्स डॉटर, माई ओन विटनेस (उपन्यास), देवी (उपन्यास-रिपोतार्ज)।

संप्रति : प्रमुख सम्पादक, दैनिक हिन्दुस्तान तथा नन्दन एवं कादम्बिनी।

परिधि पर स्त्री

मृणाल पाण्डे

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इन उपेक्षिता स्त्रियों में कौन हिन्दू है कौन गैर-हिन्दू इसकी स्वार्थी विवेचना की बजाय उन तक जरूरी नागरिक सुविधाएँ और आजीविका के संसाधन पहुँचाने की यथाशीघ्र चेष्टा की जाए   आगे...

बचुली चौकीदारिन की कढ़ी

मृणाल पाण्डे

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मृणाल पाण्डे द्वारा लिखी गई कहानियाँ   आगे...

बंद गलियों के विरुद्ध

मृणाल पाण्डे

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बंद गलियों के विरुद्ध... Women Studies   आगे...

बोलता लिहाफ

मृणाल पाण्डे

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इस संग्रह में हिन्दी के श्रेष्ठ कथाकारों द्वारा लोकप्रिय मासिक ‘कादम्बिनी’ के ‘कथा-प्रतिमान’ स्तम्भ के लिए चयनित विश्व-साहित्य की श्रेष्ठ-कहानियाँ संकलित हैं।   आगे...

माया ने घुमायो

मृणाल पाण्डे

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यानी कि एक बात थी

मृणाल पाण्डे

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दो दशकों में लिखी गयी कहानियों का पहला खंड...   आगे...

रास्तों पर भटकते हुए

मृणाल पाण्डे

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गाँवों व महानगरों की राजनीति पर आधारित उपन्यास   आगे...

विरूद्ध

मृणाल पाण्डे

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विरुद्ध उपन्यास का सुप्रसिद्ध कथाकार मृणाल पाण्डे की रचना–यात्रा में ऐतिहासिक महत्त्व है।   आगे...

सहेला रे

मृणाल पाण्डे

मूल्य: $ 17.95

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स्त्री : लम्बा सफर

मृणाल पाण्डे

मूल्य: $ 15.95

स्त्री : लम्बा सफर

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