उसने कहा था और अन्य कहानियाँ - चन्द्रधर शर्मा गुलेरी Usne Kaha Tha Aur Anya Kahaniyaan - Hindi book by - Chandradhar Sharma Guleri
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उसने कहा था और अन्य कहानियाँ

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी

प्रकाशक : राजपाल एंड सन्स प्रकाशित वर्ष : 2014
पृष्ठ :112
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 9547
आईएसबीएन :9788174831545

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प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

हिन्दी कहानी की साहित्यिक यात्रा में ‘उसने कहा था’ पहली आधुनिक कहानी मानी जाती है। यथार्थवाद पर आधारित यह कहानी गुलेरी ने 1920 के दशक में लिखी जिसपर प्रेमचन्द ने सान चढ़ाई।

चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की लोकप्रियता का मुख्य कारण तो उनकी यह कहानी है ही लेकिन उन्होंने कहानियों के अतिरिक्त निबंध, आलोचना-समीक्षा, विमर्श और शोध जैसी उस समय की अविकसित विधाओ में भी लिखा है।

उनकी लेखन-शैली अनूठी और बहुत प्रभावपूर्ण थी। जहां एक ओर उनकी कहानियां - ‘उसने कहा था’, ‘सुखमय जीवन’ और ‘बुद्धू का कांटा’ उल्लेखनीय मानी जाती हैं तो दूसरी ओर उनके दो निबंध - ‘कछुआ धरम’ और ‘मोरिस मोहिं मुठाँव’ बहुत महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं।

गुलेरी की कुछेक कहानियों को छोड़कर बाकी कहानियां बहुत छोटी हैं लेकिन छोटी होते हुए भी प्रभावशाली हैं। हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक डॉ. नामवर सिंह का कहना है - ‘संस्कृत के पंडित उस जमाने में और भी थे, लेकिन ‘उसने कहा था’ जैसी कहानी और ‘कछुआ धरम’ जैसा लेख लिखने का श्रेय गुलेरी जी को ही है। इसलिए वे हिन्दी के बंकिमचन्द्र भी हैं और ईश्वरचन्द्र विद्यासागर भी।’’


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