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गीता प्रेस, गोरखपुर >> व्यवहार और परमार्थ व्यवहार और परमार्थहनुमानप्रसाद पोद्दार
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प्रस्तुत पुस्तक में लोक-व्यवहार एवं पारमार्थिक साधना के सम्बन्ध में जिज्ञासुओं को लिखे गये पत्रों का संग्रह।
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