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धर्म एवं दर्शन >> अनमोल दोहे अनमोल दोहेस्वामी अवधेशानन्द गिरि
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कभी-कभी तो यह देखकर आश्चर्य होता है कि जिसे कहने में शब्द अधूरे पड़ते हैं, उस भाव को ये संत कवि एक दोहे में कह जाते हैं...
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