आनन्द का स्वरूप-2 - हनुमानप्रसाद पोद्दार 354 Anand ka Swarup - Hindi book by - Hanuman Prasad Poddar
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आनन्द का स्वरूप-2

हनुमानप्रसाद पोद्दार

प्रकाशक : गीताप्रेस गोरखपुर प्रकाशित वर्ष : 1996
पृष्ठ :218
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 886
आईएसबीएन :00000

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प्रस्तुत है आनन्द का स्वरूप जानने के लिए लिखे गये पत्र....

Anand Ka Swaroop (2)-A Hindi Book by Hanuman Prasad Poddar - आनन्द का स्वरूप-2 - हनुमानप्रसाद पोद्दार

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

श्रीहरिः

नम्र निवेदन

भाईजी (हनुमानप्रसादजी पोद्दार) के कुछ व्यक्तिगत पत्रों का संग्रह ‘लोक-परलोक का सुधार (प्रथम भाग)’ के नाम से कुछ सप्ताह पूर्व प्रकाशित हुआ था। उसी संग्रह का दूसरा भाग भी प्रेमी पाठक-पाठिकाओं की सेवा में प्रस्तुत है। इस भाग में प्रायः उन्हीं विषयों का समावेश है, जिनकी चर्चा पहले भाग में आ चुकी है।

इस प्रकार यह दूसरा भाग पहले भाग का ही एक प्रकार से पूरक होगा। दोनों भागों को मिलाकर ही पढ़ना चाहिये। पुस्तक का आकार बड़ा न हो इसलिए पत्रों को दो भागों में विभक्त किया गया है। आशा है, प्रेमी पाठक इस भाग को भी उसी चाव से पढ़ेंगे। मेरा विश्वास है कि जो लोग इन पत्रों को मननपूर्वक पढ़ेंगे और उनमें आयी हुई बातों को अपने जीवन में उतारने की ईमानदारी के साथ चेष्टा करेंगे, उन्हें निश्चय ही महान लाभ होगा और उन्हें लोक-परलोक दोनों का सुधार करने में यथेष्ट सहायता मिलेगी।
विनीत
चिम्मनलाल गोस्वामी


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