गजलें और शायरी >> संभाल कर रखना संभाल कर रखनाराजेन्द्र तिवारी
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तुम्हारे सजने-सँवरने के काम आयेंगे, मेरे खयाल के जेवर सम्भाल कर रखना....
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किसी के दर्द से मतलब, न घाव से मतलब
किसी के दर्द से मतलब, न घाव से मतलब।
ये रहनुमा हैं, इन्हें है चुनाव से मतलब।।
बनाव से, न कोई रख-रखाव से मतलब,
हमें है, सिर्फ़ तुम्हारे स्वभाव से मतलब।
हमारी आपकी कोशिश है, अम्न का़यम हो,
उन्हें है, मुल्क में बढ़ते तनाव से मतलब।
हमारे दिल में तो हैं, राम भी, मुहम्मद भी,
फ़क़ीर रखते नहीं, भेद-भाव से मतलब।
जो तुम रुको तो रुको, यार मुझको जाने दो,
मेरे सफ़र को है, अगले पड़ाव से मतलब।
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