लोगों की राय

गजलें और शायरी >> संभाल कर रखना

संभाल कर रखना

राजेन्द्र तिवारी

प्रकाशक : उत्तरा बुक्स प्रकाशित वर्ष : 2012
पृष्ठ :120
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 8809
आईएसबीएन :9788192413822

Like this Hindi book 7 पाठकों को प्रिय

173 पाठक हैं

तुम्हारे सजने-सँवरने के काम आयेंगे, मेरे खयाल के जेवर सम्भाल कर रखना....



62

वक़्त आया, कई मौसम मेरे आँगन लेकर


वक़्त आया, कई मौसम मेरे आँगन लेकर।
यानी फागुन, कभी पतझर, कभी सावन लेकर।।

कोई खु़श्बू सा महकता है, मेरे दिल में भी,
अपनी यादों के, खनकते हुए कंगन लेकर।

अपनी सूरत में, तेरी देख ली सूरत जबसे,
उम्र भर बैठा रहा, हाथ में दरपन लेकर।

रात भर मुझको सितारे नहीं सोने देते,
सुब्ह आ जाती है, फिर इक नई उलझन लेकर।

अब न ख्व़ाबों से, खि़लौनों से, बहल पाऊँगा,
वक़्त गुम हो गया, मुझसे मेरा बचपन लेकर।

...Prev | Next...

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book