गीली मिट्टी - अमृत राय Gili Mitti - Hindi book by - Amrit Rai
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गीली मिट्टी

अमृत राय

प्रकाशक : भारतीय साहित्य संग्रह प्रकाशित वर्ष : 2011
पृष्ठ :110
मुखपृष्ठ :
पुस्तक क्रमांक : 8454
आईएसबीएन :0

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गीली मिट्टी पुस्तक का आई पैड संस्करण...

Gili Mitti - A Hindi Ebook By Amrit Rai

आई पैड संस्करण


राकेश माथुर बहुत ज़हीन लड़का है। अर्थशास्त्र लेकर एम.ए. कर रहा है। पढ़ने का बड़ा शौक़ीन है। दुनिया की कौन सी चीज़ है जिसकी उसे जानकारी नहीं है। स्पेंसर और मिल को उसने पढ़ा है, रूसो और वॉल्तेयर को उसने पढ़ा है, इमर्सन और थोरो और एडवर्ट कारपेंटर को उसने पढ़ा है। यानी कि जहाँ तक पढ़ने की बात है कुछ भी ऐसा नहीं जो कि उसने नहीं पढ़ा है और उसकी किताबों में लिखा है कि न्याय के ही आधार पर टिकाऊ समाज क़ायम हो सकता है।

कहने की ग़रज़ कि राकेश बहुत क़ाबिल आदमी है और क़ाबिल ही नहीं भला आदमी भी है। पास में पैसे रहने पर वह दोस्तों को सिनेमा दिखाने के लिए और क़ॉफ़ी हाउस में कॉफ़ी पिलाने के लिए हरदम तैयार रहता है।
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