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हास्य-व्यंग्य >> फंडा मैनेजमेंट का फंडा मैनेजमेंट काप्रेमपाल शर्मा
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‘‘लकड़ी का तो सुना है, चूहे काट सकते हैं, पर लोहा ! स्टील ! मान गए भाई, चूहों को भी। आजादी के जितने पुराने दस्तावेज थे, सबका चूरन बना दिया दुष्टों ने।’’
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