लोगों की राय

उपन्यास >> टूटने के बाद

टूटने के बाद

संजय कुन्दन

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 2009
पृष्ठ :108
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 7495
आईएसबीएन :9788126318124

Like this Hindi book 2 पाठकों को प्रिय

168 पाठक हैं

युवा रचनाकार संजय कुन्दन का उपन्यास ‘टूटने के बाद’ भारतीय मध्यवर्ग की समकालीन संरचना को परखते हुए व्यापक सामाजिक संवेदना के साथ उसकी समीक्षा करता है

<< पिछला पृष्ठ प्रथम पृष्ठ अगला पृष्ठ >>

अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book