|
अतिरिक्त >> लोकोक्ति एवं मुहावरा कोश लोकोक्ति एवं मुहावरा कोशराजकुमार सिंह, जगदीश चन्द्र यादव
|
58 पाठक हैं |
|||||||
कन्नौजी लोकोक्तियों व मुहावरों का संग्रह करते समय हमने जो अनुभूति की है, उसे अभिव्यक्त करना सर्वथा दुरूह है। फिर भी उसके शतांश को प्रस्तुत करने का यहाँ प्रयास किया जा रहा है।
|
|||||
लोगों की राय
No reviews for this book

i 






