|
कहानी संग्रह >> कोहरे से लिपे चेहरे कोहरे से लिपे चेहरेसूर्यकान्त नागर
|
442 पाठक हैं |
|||||||
कहानी संग्रह, ये कहानियाँ प्रवाहमयी भाषा जिसमें कहीं कहीं व्यंग्य का मार्मिक और अनायास स्पर्श है-वर्णन, संवाद और चरित्रांकन तीनों में
|
|||||
लोगों की राय
No reviews for this book

i 






