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अतिरिक्त >> देवताओं का दान देवताओं का दानरुडयार्ड किपलिंग
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धुन्नी भगत के चौबारे में संध्या का भोज हो चुका था और बूढ़े पुरोहित तो धूम्रपान कर रहे थे या माला जप रहे थे। तभी एक नन्हा-सा बच्चा वहाँ आया। उसका मुँह खुला हुआ था।
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