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उपन्यास >> हरियल की लकड़ी

हरियल की लकड़ी

रामनाथ शिवेन्द्र

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2006
पृष्ठ :223
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 5807
आईएसबीएन :81-267-1134-5

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जहाँ वैश्विक धरातल पर अमरीकी दादागीरी सर चढ़कर बोल रही है वहीं भारतीय समाज की तलछट में रह रहे लोगों की जिन्दगी भ्रष्ट नौकरशाही और सरकारी प्रपंचों में फँसकर और भी दूभर होती जा रही है।

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