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कहानी संग्रह >> हमारे मालिक सबके मालिक

हमारे मालिक सबके मालिक

गिरिराज किशोर

प्रकाशक : आत्माराम एण्ड सन्स प्रकाशित वर्ष : 2003
पृष्ठ :156
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 4922
आईएसबीएन :81-7043-592-7

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‘हमारे मालिक सबके मालिक’ जिस कहानी पर इस संग्रह का नामकरण किया गया है। वह दुनिया के तथाकथित मालिकों की कहानी है जिनका डंडा पूजने के लिए आज सब बाध्य हैं, शायद आगे भी रहेंगे, ख़ासतौर से तीसरी दुनिया के हम जैसे देश!

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