|
लेख-निबंध >> हिन्दू निशाने पर (प्रतिरोध का रास्ता) हिन्दू निशाने पर (प्रतिरोध का रास्ता)सुब्रमण्यम स्वामी
|
61 पाठक हैं |
|||||||
लेखक का तर्क है कि हिंदुत्व, एक अदृश्य बहुआयामी घेरेबंदी में है जैसा पहले कभी नहीं था और यह घेरेबंदी केवल वही देख सकते हैं जिन्हें इसे देखने के लिए सतर्क कर दिया जाए।
|
|||||
अन्य पुस्तकें
लोगों की राय
No reviews for this book

i 







