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भाषा एवं साहित्य >> घाघ और भड्डरी की कहावतें घाघ और भड्डरी की कहावतेंदेवनारायण द्विवेदी
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घाघ और भड्डरी में दैवी प्रतिभा थी। उनकी जितनी कहावतें हैं, सभी प्रायः अक्षरशः सत्य उतरती हैं।
दिन में गर्मी रात में ओस, कहै घाघ वर्षा सौ कोस।
घाघ कहते हैं कि यदि दिन में गर्मी और रात को ओस पड़े तो वर्षा होने की
कोई आशा नहीं है।
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