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कविता संग्रह >> दर्द ही दर्द

दर्द ही दर्द

नारायणदास जाजू

प्रकाशक : विद्या विहार प्रकाशित वर्ष : 1999
पृष्ठ :123
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 2851
आईएसबीएन :81-85828-86-5

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आदमी दिमाग की तेज आँच से निजात पाने के लिए जब दिल के पास आता है तब ऐसा ही कुछ घटित होता है जैसा इन कविताओं के रूप में नुमाया हुआ है।

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