भारतीयता की पहचान - केशवचन्द्र वर्मा Bhartiyata Ki Pahchan - Hindi book by - Keshavchandra Verma
लोगों की राय

विविध >> भारतीयता की पहचान

भारतीयता की पहचान

केशवचन्द्र वर्मा

प्रकाशक : लोकभारती प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 1993
पृष्ठ :118
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 13073
आईएसबीएन :0

Like this Hindi book 0

आखिर यह 'देश' क्या चीज है जिसके लिए सभी अपने-अपने ढंग से परेशान होने के लिए मजबूर हैं?

भारतीयता की पहचान इस समय सभी को देश की चिंता व्यापी हुई है। कोई इस देश की 'एकता' के लिए परेशान है तो दूसरा देश की 'अखण्डता' के लिए! कोई तीसरा देश को 'स्थिर सरकार' देने के लिए बेकरार है तो चौथा विदेशों में अपने देश की छवि बनाने के लिए बेताब है। कोई देश के विकास के लिए रो रहा है तो कोई 'देश में बड़ी अशांति है' का नारा लगा रहा है। कोई सरकार के हाथ मजबूत करने में ही देश की मजबूती देख रहा है, तो कोई देश की भाषा को लेकर दोलित है। किसी को देश में आतंकवाद से घबराहट है तो किसी को देश में आरक्षण मिलने या न मिलने से उन्माद है। कोई देश में 'भ्रष्टाचार से पीड़ित' है तो कोई अलगाव- वाद की धमकियों से देश को टूटता देख रहा है। आखिर यह 'देश' क्या चीज है जिसके लिए सभी अपने-अपने ढंग से परेशान होने के लिए मजबूर हैं?


अन्य पुस्तकें

लोगों की राय

No reviews for this book