लोकरँगी प्रेम कथाएँ - सं. रवीन्द्र कालिया Lokrangi Prem-Kathayen - Hindi book by - Ravindra Kalia
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लोकरँगी प्रेम कथाएँ

सं. रवीन्द्र कालिया

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 2010
पृष्ठ :164
मुखपृष्ठ : सजिल्द
पुस्तक क्रमांक : 10472
आईएसबीएन :9788126319565

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इस पुस्तक में कुछ प्रसिद्ध लोक कथाओं का संकलन है.

इस पुस्तक में कुछ प्रसिद्ध लोक कथाओं का संकलन है. आने वाली पीढ़ियाँ अपनी विरासत को समझें, यही सोचकर कुछ ऐसी कहानियों का चयन किया गया है जो भारतीय जनमानस का अविभाज्य अंग बन चुकी हैं. लैला मजनूँ, सोहनी महींवाल, हीर राँझा, शीरीं फरहाद, नल दमयन्ती की कहानियाँ सैकड़ों वर्षों से हमारी चेतना में रच-बस चुकी हैं.


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