त्यागी का प्रेम - प्रेमचंद Tyagi Ka Prem - Hindi book by - Premchand
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त्यागी का प्रेम

प्रेमचंद

प्रकाशक : विश्व बुक्स प्रकाशित वर्ष : 2015
आईएसबीएन : 8179871886 मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पृष्ठ :156 पुस्तक क्रमांक : 9258

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प्रस्तुत है पुस्तक के कुछ अंश

कथा सम्राट प्रेमचंद विश्व के उन प्रसिद्ध एवं विशिष्ट कथाकारों की श्रेणी में गिने जाते हैं, जिन्होंने समाज के सभी वर्गों - अमीर-गरीब, स्त्री-पुरुष, बच्चे-बूढ़े, जमींदार-किसान, साहूकार-कर्जदार आदि के जीवन और उनकी समस्याओं को यथार्थवादी धरातल पर बड़ी ही सीधी-सादी शैली और सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए एक दिशा देने का प्रयास किया है।

यही कारण है कि प्रेमचंद की कहानियां हिंदी-भाषी क्षेत्रों में ही नहीं, संपूर्ण भारत में आज भी पढ़ी, समझी और सराही जाती हैं। इतना ही नहीं, विदेशी भाषाओं में भी उनकी चुनी हुई कहानियों के अनुवाद हो चुके हैं।

इसी प्रासंगिकता के संदर्भ में प्रस्तुत है - स्त्री-पुरुष संबंधों पर आधारित कहानियों का संग्रह - ‘त्यागी का प्रेम’, जिसके नायक गोपीनाथ को दर्शन और देश सेवा से प्रेम था लेकिन विवाह में कोई दिलचस्पी न थी। पर कन्या पाठशाला की संचालिका विधवा आनंदी बाई से मिलकर उनकी जीवनधारा ही बदल गई। इस प्रेम का क्या परिणाम हुआ ?

प्रेम व्यवहार संबंधी ऐसी ही अनेक सामाजिक कहानियों का अनूठा संकलन जो पठनीय एवं संग्रहणीय है।

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