आधुनिक भारत - सुमित सरकार Aadhunik Bharat - Hindi book by - Sumit Sarkar
लोगों की राय

इतिहास और राजनीति >> आधुनिक भारत

आधुनिक भारत

सुमित सरकार

प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2009
आईएसबीएन : 9788126705177 मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :510 पुस्तक क्रमांक : 9242

Like this Hindi book 4 पाठकों को प्रिय

38 पाठक हैं

आधुनिक भारत...

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

आधुनिक भारत इतिहास पर शोध करनेवालों के लिए राष्ट्रीय अभिलेखागार की सामग्री सुलभ हो जाने और निजी दस्तावेजों के अनेक संग्रह सामने आ जाने से उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम चरण और बीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक चरण के भारतीय इतिहास पर शोधपत्रों की बाढ़-सी आ गई है। इन शोधपत्रों में अधिकांशतया विशिष्ट समस्याओं, आंदोलनों अथवा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, और नई सामग्री के संश्लेषण की अथवा नई खोजों को समाहित करते हुए पाठ्यपुस्तकें लिखने की अपेक्षाकृत कम कोशिश की गई है।

प्रो. सुमित सरकार की यह पुस्तक इसका अपवाद है। यहाँ लेखक ने साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष को केंद्र में रखकर नई सामग्री का संश्लेषण किया है और साथ ही परवर्ती औपनिवेशिक भारत की आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक तथा राजनीतिक घटनाओं के समग्र अध्ययन में उसका उपयोग करने की कोशिश भी की है। आधुनिक भारत और उसके स्वातंत्र्य आंदोलन का इतिहास-लेखन प्रायः विशिष्ट वर्ग के ही दृष्टिकोण से किया गया है। ऐसे इतिहास-लेखन में विभिन्न क्षेत्रों का नेतृत्व करनेवाले लोगों के कार्यकलाप, आदर्श या दलगत जोड़-तोड़ केंद्रीय विषय रहे हैं।

प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने, स्वयं अपने ही शोध के आधार पर, उन प्रचुर संभावनाओं का उद्घाटन करने की कोशिश की है, जो इतिहास को समाज के निचले तबके की दृष्टि से देखने के लिए विद्यमान हैं। आधुनिक भारतीय इतिहास की हमारी पूरी समझ पर लगे महत्त्वपूर्ण आरोपों का अध्ययन करने के लिए लेखक ने विशिष्ट वर्ग के बजाय जनजातियों, किसानों और कामगारों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। आधुनिक भारत में उन लोगों के अध्ययन के लिए ग्रंथसूची भी दी गई है, जो इस विषय पर हुए प्रचुर शोधकार्यों की स्वयं छानबीन करना चाहते हैं।

यह पुस्तक आधुनिक भारतीय इतिहास के अध्ययन में रुचि रखनेवाले हर व्यक्ति के लिए, ऑनर्स और स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्रों, प्राध्यापकों और सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।

To give your reviews on this book, Please Login