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बाल एवं युवा साहित्य >> शेखचिल्ली के किस्से

शेखचिल्ली के किस्से

मुकेश नादान

16.95

प्रकाशक : ओरिएंट क्राफ्ट पब्लिशर्स एण्ड डिस्ट्रीब्यूटर्स प्रकाशित वर्ष : 2014
आईएसबीएन : 81-89378-13-9 पृष्ठ :88
आवरण : सजिल्द पुस्तक क्रमांक : 7802
 

शेखचिल्ली के रोचक और मजेदार किस्सों का अनमोल खजाना...

  • शेखचिल्ली एक ऐसे शख्स थे जो आज भी हमारे अन्दर कहीं न कहीं जिन्दा हैं। वे ऐसे जिन्दादिल इन्सान थे जिन्होंने अभावों की जिन्दगी जाते हुए भी दूसरों को हमेशा हँसाया। बचपन में उनके दोस्त उन्हें चिल्ली कहकर चिढ़ाते थे जिससे उनका नाम ही चिल्ली पड़ गया और शेख उनकी जाति थी इसीलिए पूरा नाम शेखचिल्ली हो गया।मन को गुदगुदाने तथा हल्का-फुल्का सा महसूस कराने वाले शेखचिल्ली के मनोरंजक किस्सो का खजाना...
  • पुस्तक का आकार 9.75X7.5 इंच
  • सरल भाषा तथा श्वेत-श्याम चित्रों के साथ


  • कुछ पृष्ठ

    Shekhchilli-ke-kisse

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