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बाँस का अंकुर

धीरुबहन पटेल

प्रकाशक : सरल प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2009
पृष्ठ :120
मुखपृष्ठ :
पुस्तक क्रमांक : 7612
आईएसबीएन :0

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अत्यंत नियंत्रित वातावरण में पले युवक द्वारा स्वयं की खोज की कहानी...

Bans Ka Ankur - A Hindi Book by Dhiruben Patel

भूमिका

मूलतः गुजराती में लिखी गई धीरूबहन की सशक्त कहानी। इस पुस्तक का हिन्दी अनुवाद श्रीमती कमलेश सिंह ने किया है। एक अत्यंत नियंत्रित वातावरण में पला बढ़ा युवक किस तरह से अपने आपको खोजता है। यह एक अलग बात है कि इस स्वतंत्र अस्तित्व की खोज में वह पुनः उन्हीं गुणों को प्रतिबिम्बित करता है, जिनसे कभी उसकी लड़ाई थी। उल्लेखनीय है कि, पुस्तक का अनुवादन बहुत ही सटीक ढंग से किया गया है और ऐसा लगता ही नहीं कि मूल कहानी किसी और भाषा या अहिन्दी भाषी अंचल के लेखक द्वारा लिखी गई है।

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