दक्षिण भारत के पर्यटन स्थल - रूप सिंह चंदेल Dakshin Bharat Ke Paryatan Sthal - Hindi book by - Roop Singh Chandel
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दक्षिण भारत के पर्यटन स्थल

रूप सिंह चंदेल

प्रकाशक : नीलकंठ प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2008
आईएसबीएन : 81-87774-45-2 मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :187 पुस्तक क्रमांक : 7089

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दक्षिण भारत के पर्यटन स्थलों का जीवन्त वर्णन...

Dakshin Bharat Ke Paryatan Sthal by Roop Singh Chandel

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

वरिष्ठ हिंदी लेखक रूपसिंह चन्देल ने इस पुस्तक में साहित्यिक कलात्मकता से भरपूर अपने यात्रा-संस्मरणों के ज़रिये दक्षिण भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़ी तथ्यपरक सूचनाओं को न केवल बेहद रोचक और सरल ढंग से कलमबद्ध किया है बल्कि उन स्थलों से जुड़े ऐतिहासिक-पौराणिक कालखंडों को भी प्रामाणिकता के साथ खंगालने की कोशिश की है। लेखक ने उन स्थलों की वर्तमान स्थितियों - सामाजिक, राजनैतिक ,धार्मिक और आर्थिक स्थितियों का भी विस्तृत और कथात्मक विवरण प्रस्तुत किया है। भाषा और शैली इतनी चित्रात्मक है कि पढ़ते हुए पाठक को ऐसा प्रतीत होता है मानो वह सचमुच में इन रमणीय और मनोहारी स्थलों की यात्रा कर रहा हो...
सुभाष नीरव

लेखक के बारे में


अब तक 39 पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें 7 उपन्यास, 10 कहानी संग्रह, तीन किशोर उपन्यास, आलोचना, यात्रा संस्मरण, बाल साहित्य, लघुकथा आदि सम्मिलित। महान रूसी लेखक लियो तोल्स्तोय के अंतिम उपन्यास ‘हाजी मुराद’ का अनुवाद और ‘दॉस्तोएव्स्की के प्रेम’ पुस्तकें संवाद प्रकाशन से प्रकाशित। शीघ्र ही ‘लियो तोल्स्तोय का अंतरंग संसार’ (तोल्स्तोय पर संस्मरण)संवाद प्रकाशन से प्रकाश्य। अनेक रचनाओं के अंग्रेजी, पंजाबी, बांग्ला, गुजराती और असमिया भाषाओं में अनुवाद।


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