बाजे पायलियाँ के घुँघरू - कन्हैयालाल मिश्र Baje Payaliya ke Ghungru - Hindi book by - Kanhaiyalal Mishra
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बाजे पायलियाँ के घुँघरू

कन्हैयालाल मिश्र

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 2000
आईएसबीएन : 81-263-0204-6 मुखपृष्ठ :
पृष्ठ :228 पुस्तक क्रमांक : 422

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सहज, सरस संस्मरणात्मक शैली में लिखी गयी प्रभाकर जी की रचना बाजे पायलियाँ के घुँघरू।

Baje Payaliya ke Ghungru - A hindi Book by - Kanhaiyalal Mishra - बाजे पायलियाँ के घुँघरू - कन्हैयालाल मिश्र

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

इस पुस्तक में आप ऐसा साहित्य पायेंगे, जिसमें हमारे राष्ट्रीय गुणों का प्रदर्शन एवं पोषण दोनों है, और वह भी किसी सूखे उपदेश या प्रवचन के रूप में नहीं। इस पुस्तक में आप एक जीवन्त और धड़कते हृदय के मित्र को पायेंगे, जो सदा आपको आनन्द दे, राह दिखाये। इस पुस्तक को पढ़कर आपको पता चलेगा कि पुस्तकों से जीवन को बदलने का क्या अर्थ है; क्योंकि आप खुद अपने में परिवर्तन पायेंगे।

प्रतिष्ठित लेखक और शैलीकार - कन्हैयालाल मिश्र "प्रभाकर" की अनूठी पुस्तक "बाजे पायलियाँ के घुँघरू" की अपरिहार्यता से निःसन्देह इन्कार नहीं किया जा सकता।


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