गूँगे सुर बाँसुरी के - पन्नालाल पटेल Goonge Sur Bansuri ke - Hindi book by - Pannalal Patel
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गूँगे सुर बाँसुरी के

पन्नालाल पटेल

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 1999
आईएसबीएन : 81-263-1382-x मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :250 पुस्तक क्रमांक : 392

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पन्नालाल पटेल की सर्वोत्कृष्ट इक्कीस कहानियों का संग्रह

Gunge Sur Bansuri ke - A Hindi Book by - Pannalal Patel गूँगे सुर बाँसुरी के - पन्नालाल पटेल

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

भारतीय साहित्य में विशिष्ट योगदान के लिए वर्ष 1985 के ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित श्री पन्नालाल पटेल गुजराती के अग्रणी कथाकार रहे हैं। लगभग छह दशक पूर्व गुजराती साहित्य-जगत् में उनका अविर्भाव एक चमत्कार माना गया था। ग्रामीण जीवन के आत्मीय एवं प्रामाणिक चित्रण के साथ ही उन्होंने लोकभाषा का प्रयोग कुछ इस प्रकार किया कि उसकी गति और गीतात्मकता गुजराती गद्य के सन्दर्भ में अपूर्व मानी गयी।

पन्नालाल पटेल की सर्वोत्कृष्ट इक्कीस कहानियों की यह चयनिका ‘गूँगे सुर बाँसुरी के’ कथा-साहित्य के सुधी पाठकों को सहर्ष समर्पित है। इन कहानियों में उन्होंने प्रायः दलित-पीड़ित-उत्पीड़ित मनुष्य को अपना विषय बनाया है।

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