572 राम के पूर्वज - अनन्त पई 572 Ram ke Poorvaj - Hindi book by - Anant Pai
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572 राम के पूर्वज

अनन्त पई

प्रकाशक : इंडिया बुक हाउस प्रकाशित वर्ष : 2006
आईएसबीएन : 81-7508-449-9 मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पृष्ठ :32 पुस्तक क्रमांक : 2981

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राम के पूर्वजों पर आधारित पुस्तक....

सदियों से माना जाता रहा है कि राम एक आदर्श राजा थे। जब गाँधी जी ने अपनी कल्पना के स्वराज्य का नाम रामराज्य रखा तो उनके ध्यान में राम के आदर्श राज्य का ही रूप था। राम के इक्ष्वाकुवंशीय पुरखे भी उतने ही पराक्रमी और उदार थे जितने स्वयं राम। इस कथा में राम के उन्हीं महान पुरखों का परिचय दिया गया है।

महाकाव्य में जीवन का सम्पूर्ण चित्रण होता है इसलिए उसमें नायक के गुणों के साथ-साथ उसकी कमजोरियों का चित्रण भी रहता है। वाल्मीकि की रामायण से प्रेरणा पाकर कालिदास ने अपना महाकाव्य रघुवंश लिखा। उस काव्य में राम के पूर्वजों का इतिहास बताते हुए कालिदास ने उस वंश के ह्रास की कहानी भी कही है। परन्तु हमारी इस कथा में राम के पूर्वजों के उस पक्ष का चित्रण है जिसमें उन्होंने महान कार्य करके यश और गौरव प्राप्त किया था।

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