सब जग ईश्वररूप है - स्वामी रामसुखदास 632 Sub Jag Ishwarroop Hai - Hindi book by - Swami Ramsukhadas
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गीता प्रेस, गोरखपुर >> सब जग ईश्वररूप है

सब जग ईश्वररूप है

स्वामी रामसुखदास

प्रकाशक : गीताप्रेस गोरखपुर प्रकाशित वर्ष : 2004
आईएसबीएन : 00000 मुखपृष्ठ :
पृष्ठ :90 पुस्तक क्रमांक : 1165

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प्रस्तुत है सब जग ईश्वररूप है....

इस पुस्तक में भक्तियोग की मुख्यता है गीता में भगवान् वासुदेवःसर्वम् की बात भक्तियोग की दृष्टि से कही है।

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