जानकीपुल - प्रभात रंजन Jankipul - Hindi book by - Prabhat Ranjan
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जानकीपुल

प्रभात रंजन

प्रकाशक : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशित वर्ष : 2009
आईएसबीएन : 9788126317585 मुखपृष्ठ : सजिल्द
पृष्ठ :136 पुस्तक क्रमांक : 10393

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इन कहानियों में न तो अनगड़ता है न अपरिपक्वता, बल्कि आज की वास्तविकता के प्रति एक वयस्क व्यंग्यबोध है

कथाकार प्रभात रंजन का यह पहला कहानी-संग्रह है, बावजूद इसके इन कहानियों में न तो अनगड़ता है न अपरिपक्वता, बल्कि आज की वास्तविकता के प्रति एक वयस्क व्यंग्यबोध है। इन कहानियों के केंद्र में आज का युवा समुदाय है जो अक्सर छोटे कस्बों से महानगरों की ओर उच्चशिक्षा या रोजगार की तलाश में आया है।

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