श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण - प्रथम एवं द्वितीय खण्ड
पृष्ठ 1664
मूल्य $ 34.95
सचित्र, हिन्दी अनुवाद सहित आगे...
श्रीमदभागवत महापुराण - प्रथम एवं द्वितीय खण्ड
पृष्ठ 1730
मूल्य $ 41.95
बड़े अक्षरों में श्रीमदभागवत महापुराण - प्रथम एवं द्वितीय खण्ड आगे...
श्रीरामचरितमानस
पृष्ठ 975
मूल्य $ 9.95
गोस्वामी तुलसीदासजीविरचित श्रीरामचरितमानस (मझला) आगे...
पृष्ठ 838
मूल्य $ 14.95
श्रीरामचरितमानस - ग्रन्थाकार (हिन्दी टीका सहित) बड़े अक्षरों में आगे...
श्रीमद्भगवद्गीता
पृष्ठ 598
प्रस्तुत है श्रीमद्भगवद्गीता.... आगे...
279 स्कन्दपुराण
पृष्ठ 1372
मूल्य $ 16.95
विभिन्न विषयों के विस्तृत विवेचन की दृष्टि से पुराणों में सबसे बड़ा पुराण आगे...
शिव पुराण
पृष्ठ 812
भगवान शिव की महिमा का वर्णन... आगे...
श्रीविष्णुपुराण
पृष्ठ 533
इस श्रीविष्णुपुराण में भगवान् विष्णु की महिमा का वर्णन किया गया है.... आगे...
भविष्य पुराण
पृष्ठ 630
प्रस्तुत भविष्यपुराण में भगवान सूर्य की महिमा का वर्णन किया गया है.... आगे...
संक्षिप्त नारदपुराण
पृष्ठ 752
नारद पुराण में कल्याणकारी श्रेष्ठ विषयों का उल्लेख है। इसमें वेदों के छओं अंगों का विशद वर्णन तथा भगवान की सकाम उपासना का भी विस्तृत विवेचन है। आगे...
गरुड़पुराण
पृष्ठ 614
गरुड़पुराण में भगवान के गरुड़ अवतार का वर्णन है.... आगे...
श्रीगर्ग-संहिता
पृष्ठ 554
महर्षि गर्गाचार्य द्वारा रचित श्रीगर्ग-संहिता में श्रीकृष्ण-कथामृत का वर्णन किया गया है। आगे...
संक्षिप्त श्रीवराहपुराण
पृष्ठ 392
इसमें भगवान् विष्णु के वराहअवतार का वर्णन किया गया है... आगे...
ब्रह्मपुराण
पृष्ठ 423
इसमें भगवान् विष्णु के परब्रह्म स्वरूप का वर्णन किया गया है... आगे...
श्रीनरसिंहपुराण
पृष्ठ 296
मूल्य $ 7.95
इसमें भगवान् विष्णु के नरसिंहअवतार का वर्णन किया गया है। भक्ति के स्वरूप,भक्तों के लक्षण तथा ध्रुव आदि भक्तों के सुन्दर चरित्रों का वर्णन है। कलियुग के मनुष्यों के लिए बड़ी ही आशाप्रद बातें है। ... आगे...
श्रीवामनपुराण
पृष्ठ 469
प्रस्तुत श्रीवामनपुराण में भगवान विष्णु के एक अवतार वामन अवतार का वर्णन किया गया है.... आगे...
कूर्मपुराण
पृष्ठ 486
भगवान् कूर्म द्वारा कथित होने के कारण ही इस पुराण का नाम कूर्म पुराण विख्यात हुआ। आगे...
संक्षिप्त मार्कण्डेयपुराण
पृष्ठ 294
अठारह पुराणों की गणना में सातवाँ स्थान है मार्कण्डेयपुराण का... आगे...
वेदान्त दर्शन
पृष्ठ 454
प्रस्तुत है वेदान्त दर्शन.... आगे...
गीता-चिन्तन
श्रीमद्भगवद्गीता साक्षात् भगवान् श्रीकृष्ण के श्रीमुख की वाणी है। इसमें सारे शास्त्रों का सार भरा हुआ है। इसकी महिमा अनन्त है हमारे शास्त्रों में इसकी महिमा का वर्णन किया गया है। भिन्न-भिन्न रूचि और अधिकार रखने वाले मनुष्यों को उनकी योग्यता के अनुसार ही कर्तव्य कर्म में प्रवृत्त कर भगवान की ओर करा देना ही इसका मुख्य तात्पर्य है। आगे...
चर्चित पुस्तकें
सोने का किला सत्यजित राय
कुरु कुरु स्वाहा मनोहर श्याम जोशी
अग्निव्यूह श्रीराम दूबे
अमली हृषीकेश सुलभ
तत सम राजी सेठ
लाल पसीना अभिमन्यु अनत
समाचार और सूचनाऍ
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