Guroor Se Mukti - A Hindi Book by - Sirshree - गुरुर से मुक्ति - सरश्री
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Guroor Se Mukti

गुरुर से मुक्ति

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मूल्य$ 8.95  
प्रकाशकतेजज्ञान ग्लोबल फाउण्डेशन
आईएसबीएन9788184152517
प्रकाशितजनवरी ०१, २०१२
पुस्तक क्रं:8759
मुखपृष्ठ:अजिल्द

सारांश:
Guroor Se Mukti
गुरूर का इलाज ‘गुरु’

गुरूर से मुक्ति कैसे मिले? इस रोग की दवा कहाँ मिले? समस्या का समाधान कहाँ ढूढें? समस्या में ही समाधान है,रोग में ही दवा है, गुरूर में ही सुरुर (चैन) है। गुरूर का इलाज है ‘गुरु’। गुरु के आगे समर्पण से जो तेजआनंद, तेजज्ञान, तेजमौन का अनुभव मिलता है, वह गुरूर को चकनाचूर कर देता है।

इंसान का सबसे बड़ा और अति सूक्ष्म रोग है ‘गुरूर’। गुरूर यानी अहंकार, गर्व, घमंड, मैं-मैं का भाव। गुरूर - पद, प्रतिष्ठा, रिद्धि-सिद्धि, मान-सम्मान चाहता है। ये न मिलने पर क्रोध में दूसरों को नीचा दिखाने के लिए अपनी हानि कर बैठता है। गुरूर में चूर इंसान अपने पॉंव पर कुल्हाड़ी मारने से भी नहीं चूकता।


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