शेखचिल्ली एक ऐसे शख्स थे जो आज भी हमारे अन्दर कहीं न कहीं जिन्दा हैं। वे ऐसे जिन्दादिल इन्सान थे जिन्होंने अभावों की जिन्दगी जाते हुए भी दूसरों को हमेशा हँसाया। बचपन में उनके दोस्त उन्हें चिल्ली कहकर चिढ़ाते थे जिससे उनका नाम ही चिल्ली पड़ गया और शेख उनकी जाति थी इसीलिए पूरा नाम शेखचिल्ली हो गया।मन को गुदगुदाने तथा हल्का-फुल्का सा महसूस कराने वाले शेखचिल्ली के मनोरंजक किस्सो का खजाना...