Phoolon Ki Chatriyan - A Hindi Book by - Bashir Badra - फूलों की छतरियां - बशीर बद्र
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Phoolon Ki Chatriyan

फूलों की छतरियां

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मूल्य$ 12.95  
प्रकाशकपरिचित बुक्स
आईएसबीएन978-81-908943-1
प्रकाशितजनवरी ०१, २००९
पुस्तक क्रं:7668
मुखपृष्ठ:अजिल्द

सारांश:
Phoolon Ki Chatriyan

अजब मौसम है, मेरे हर कद़म पे फूल रखता है
मुहब्बत में मुहब्बत का फरिश्ता साथ चलता है
मैं जब सो जाऊं, इन आंखों पे अपने होठ रख देना
यक़ीं आ जायेगा, पलकों तले भी दिल धड़कता है
हर आंसू में अकसर कोई तसवीर झिलमिलाती है
तुम्हें आंखें बतायेंगी, दिलों में कौन जलता है
बहुत से काम रुक जाते हैं, मैं बाहर नहीं जाता
तुम्हारी याद का मौसम कहां टाले से टलता है
मुहब्बत ग़म की बारिश हैं, ज़मीं सर-सब्ज होती है
बहुत से फूल खिलते हैं, जहां बादल बरसता है

* * * * *
शाम से रास्ता तकता होगा
चांद खिड़की में अकेला होगा
धूप की शाख़ पे तनहा-तनहा
वह मुहब्बत का परिंदा होगा
नींद में डूबी महकती सांसें
ख़्वाब में फूल-सा चेहरा होगा

* * * * *

मुझको अपनी नज़र ऐ ख़ुदा चाहिए
कुछ नहीं और इसके सिवा चाहिए
एक दिन तुझसे मिलने ज़रूर आऊंगा
ज़िन्दगी मुझको तेरा पता चाहिए
इस ज़माने ने लोगों को समझा दिया
तुमको आँखें नहीं, आईना चाहिए
तुमसे मेरी कोई दुश्मनी तो नहीं
सामने से हटो, रास्ता चाहिए


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