Pipalvasi Bhoot Aur Anya Natak - A Hindi Book by - Surendra Suman - पीपलवासी भूत और अन्य नाटक - सुरेन्द्र सुमन
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Pipalvasi Bhoot Aur Anya Natak

पीपलवासी भूत और अन्य नाटक

<<खरीदें
सुरेन्द्र सुमन<<आपका कार्ट
मूल्य$ 1.95  
प्रकाशकसी.बी.टी. प्रकाशन
आईएसबीएन81-7011-905-7
प्रकाशितमार्च ०३, २००५
पुस्तक क्रं:3991
मुखपृष्ठ:-

सारांश:
परदा हटा, खुला वो फाटक, देखो शुरू हुआ अब नाटक। गौरव,सौरभ, गुड़िया, जीतू लक्की, छोटू, स्वीटी, दीपू, मोन्टी बाबा, ढोल बजाओ, जितने भी हों, लोग बुलाओ। भूत बने तो फंस गए बच्चे, सूरज राजा कान के कच्चे। आम का पेड़ हुआ नाराज, मूरख के सिर गिर गई गाज। तोड़ शरम के सारे फाटक, आओ-आओ, खेलें नाटक।
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