Ramkrishna Paramhans - A Hindi Book by - Sachin Sinhal - रामकृष्ण परमहंस - सचिन सिंहल
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Ramkrishna Paramhans

रामकृष्ण परमहंस

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मूल्य$ 1.95  
प्रकाशकप्रभात प्रकाशन
आईएसबीएन81-7315-517-8
प्रकाशितअप्रैल ०४, २००५
पुस्तक क्रं:3364
मुखपृष्ठ:अजिल्द

सारांश:
Ramkrishna Paramhans A Hindi Book by Sachin Singhal

प्रस्तुत हैं पुस्तक के कुछ अंश

रामकृष्ण परमहंस

स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी 1836 को बंगाल के कामारपुकुर नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता पंडित क्षुदिराम चटर्जी एक कर्मकांडी ब्राह्मण थे। माता श्रीमती चंद्रमणि ईश्वरपरायणा धार्मिक महिला थीं। परिवार में श्रीरामचन्द्र की पूजा अनन्य भक्ति से की जाती थी।

रामकृष्ण परमहंस के बचपन का नाम गदाधर था। जब वे अपनी मां के गर्भ में थे, तब उन्हें (माँ को) स्वप्न में विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन होते रहते थे। कभी उन्हें अपने शरीर से तरह-तरह की सुगंध आती हुई अनुभव होती, तो कभी ऐसा लगता कि जैसे कोई देवता, उनसे बात कर रहा है।

एक दिन भयभीत होकर उन्होंने क्षुदिरामजी को बताया, ‘‘आजकल मुझे स्वप्न में इतने देवी-देवताओं के दर्शन होते हैं कि कुछ बता नहीं सकती। आज दोपहर को ही मुझे हंस पर बैठा एक दिव्य पुरुष दिखाई दिया। मुझे देखकर वह मुस्कराया, फिर अदृश्य हो गया। ऐसा क्यों, हो रहा है ? क्या मुझे कोई रोग हो गया है ?’’

क्षुदिराम जी ने उन्हें समझाते हुए बताया, ‘‘तुम्हारे गर्भ में एक महापुरुष पल रहा है, इसकी जानकारी एक दिन मुझे स्वप्न में एक देवता ने दी थी। उसी महापुरुष के प्रभाव से तुम्हें ऐसे स्वप्न आते हैं। तुम अपने मन में किसी तरह का वहम मत पालो।’’

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