Babar ki Aulaad - A Hindi Book by - Salmaan Khursheed - बाबर की औलाद - सलमान ख़ुर्शीद
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Babar ki Aulaad

बाबर की औलाद

<<खरीदें
सलमान ख़ुर्शीद<<आपका कार्ट
मूल्य$ 16.95  
प्रकाशकरूपा एण्ड कम्पनी
आईएसबीएन978-81-291-1484
प्रकाशितजनवरी ०१, २००९
पुस्तक क्रं:7960
मुखपृष्ठ:सजिल्द

सारांश:
10 Pratinidhi Kahaniyan (Aabid Surti)
बहादुरशाह ज़फर सत्ता का एक ऐसा रूपक ही नहीं थे जिसका सूरज हिन्दुस्तान में डूब रहा था बल्कि वह इतिहास के उस मोड़ पर नमूदार हुए जब दुनिया तब्दीली-ओ तरक्की के एक अनदेखे दौर में कदम रख रही थी। अंग्रेज हालाँकि पुनर्जागरण के ज़ेहनी अमल से गुजरकर दुनिया के एक बड़े हिस्से पर काबिज हो गए थे मगर आइंदा 90 बरस में उन्हें भी हिन्दुस्तान से अपना बोरिया-बिस्तर बाँधना पड़ा। आजादी के बाद हिन्दुस्तान भी एक ऐसे दौर में दाखिल हो गया जहाँ तमाम पारम्परिक सभ्यताओं ही नहीं बल्कि हुकूमत करने के उस वक्त तक चले आ रहे तरीकों को भी कड़े इम्तहान से गुजरना था; जो वक्त से हम-कदम न हो सका वह अतीत के गार में चला गया। विभिन्न तहजीबी, तारीखी और सियासी बहसों के जरिए बहादुरशाह जफर के चरित्र को केंद्र में रखकर उसी समकालीन भारत की बात इस प्ले में कही गई है जो हर लम्हा तब्दीली से दो-चार है और तब्दीली के तत्व को जेहनी तौर पर कुबूल कर चुका है।
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